[Nishaanebaz News] MP Electricity Bill: भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त से बढ़े हुए बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक समेत अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) की अंतर राशि जोड़ी जाएगी। बिजली कंपनी की सालाना समीक्षा में जिन उपभोक्ताओं का सिक्योरिटी डिपॉजिट निर्धारित राशि से कम पाया गया है, उनसे अंतर की रकम तीन समान किस्तों में वसूली जाएगी।
यह राशि बिजली उपभोक्ताओं के जुलाई, अगस्त और सितंबर के बिलों में अलग-अलग किस्त के रूप में जोड़कर वसूली जाएगी। यानी जिन उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि कम है, उन्हें आने वाले महीनों में सामान्य बिजली खपत के अलावा अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
पिछले 12 महीनों की खपत के आधार पर तय होती है SD
बिजली कंपनी हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद उपभोक्ताओं के पिछले 12 महीनों की बिजली खपत की समीक्षा करती है। इसी आधार पर सिक्योरिटी डिपॉजिट की निर्धारित राशि तय की जाती है।
यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत पिछले साल की तुलना में बढ़ी है और उसके खाते में जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट निर्धारित सीमा से कम हो गया है, तो उस अंतर की राशि उपभोक्ता से वसूल की जाती है।इस बार भी समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता मिले हैं, जिनका सिक्योरिटी डिपॉजिट निर्धारित राशि से कम है।
6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की SD कम
MP Electricity Bill: भोपाल बिजली कंपनी की समीक्षा में 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं का सिक्योरिटी डिपॉजिट निर्धारित राशि से कम पाया गया है। ऐसे उपभोक्ताओं से अब अंतर की रकम तीन बराबर किस्तों में वसूल की जाएगी।
इसका सीधा असर आने वाले बिजली बिलों पर दिखाई देगा। हालांकि अतिरिक्त राशि प्रत्येक उपभोक्ता की खपत और निर्धारित सिक्योरिटी डिपॉजिट के अंतर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
बिजली बिल पर 2.66% अतिरिक्त सरचार्ज का असर
सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलावा बिजली उपभोक्ताओं पर फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FCA-FPPA) सरचार्ज का भी अतिरिक्त भार पड़ेगा।जानकारी के अनुसार, पहले यह सरचार्ज 1.11 प्रतिशत था, जिसे बढ़ाकर अब 3.77 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी सरचार्ज में करीब 2.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।उदाहरण के तौर पर 300 यूनिट बिजली की खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ता के बिल में सरचार्ज के तौर पर करीब 65 रुपये अतिरिक्त जुड़ सकते हैं। हालांकि वास्तविक राशि उपभोक्ता की खपत और लागू दरों के आधार पर अलग हो सकती है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट कोई जुर्माना नहीं
MP Electricity Bill: बिजली कंपनी के मुताबिक, सिक्योरिटी डिपॉजिट को किसी तरह का जुर्माना या अतिरिक्त शुल्क नहीं माना जाता। यह उपभोक्ता की ओर से बिजली कंपनी के पास जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि होती है।इस राशि की समीक्षा उपभोक्ता की पिछले 12 महीनों की अधिकतम बिजली खपत के आधार पर की जाती है। यदि खपत बढ़ती है तो निर्धारित सिक्योरिटी डिपॉजिट भी बढ़ सकता है।
अगले तीन महीनों में बढ़ सकता है बिल
सिक्योरिटी डिपॉजिट की अंतर राशि तीन किस्तों में जोड़े जाने और सरचार्ज बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर अगले कुछ महीनों में अतिरिक्त भार पड़ सकता है। खासकर उन उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है जिनकी पिछले साल बिजली खपत बढ़ी है और उनकी जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि निर्धारित सीमा से कम हो गई है।इस तरह मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले बिलों में बढ़ा हुआ सरचार्ज और सिक्योरिटी डिपॉजिट की किस्त दोनों महत्वपूर्ण बदलाव होंगे।




