RSS : मोहन भागवत का सुझाव – देश की पर्याप्त जनसंख्या के लिए हर परिवार में तीन बच्चे हों

0
176

RSS : नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की जनसंख्या नीति और शिक्षा पर अपनी राय व्यक्त की।

Read News : Bihar High Alert : नेपाल बॉर्डर से घुसे 3 पाकिस्तानी आतंकी, सूचना देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम

RSS : भागवत ने कहा कि परिवार में तीन बच्चे होना उचित है, क्योंकि इससे माता-पिता और बच्चों का स्वास्थ्य ठीक रहता है और देश की जनसंख्या पर्याप्त और नियंत्रित रहती है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या नीति 2.1 बच्चों पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि प्रति परिवार तीन बच्चे होना चाहिए।

RSS : उन्होंने आगे कहा कि संघ ने विभाजन के समय देश के अखंडता बनाए रखने की कोशिश की थी और ‘अखंड भारत’ का विचार सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि वास्तविकता है।

Read News : CG Politics : भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा का निशाना: शराब घोटाले में भूपेश कैबिनेट की संलिप्तता का आरोप, कांग्रेस नेताओं को बताया भ्रष्टाचारियों का गिरोह

RSS : भागवत ने शहरों के नाम बदलने की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शहरों और रास्तों के नाम आक्रमणकारियों पर नहीं होने चाहिए, बल्कि वीर अब्दुल हमीद और अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्वों के नाम पर होने चाहिए।

RSS : जातिगत आरक्षण पर उन्होंने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई और कहा कि संघ संविधान सम्मत आरक्षण का समर्थन करता है, जिससे नीचे वाले ऊपर उठ सकें और ऊपर वाले उन्हें सहारा दें।

RSS : शिक्षा पर बात करते हुए भागवत ने नई शिक्षा नीति में पंचकोशीय शिक्षा पर जोर दिया, जिसमें कला, खेल और योग शामिल हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को कला और संगीत का ज्ञान होना चाहिए। हालांकि उन्होंने इसे बाध्यकारी न बनाने की सलाह दी।

Read News : CG Politics : छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईओडब्ल्यू के पूरक चालान में भूपेश कैबिनेट का नाम, रमन बोले- भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा अपराध, इधर दीपक बैज ने किया पलटवार

RSS : संस्कृत शिक्षा के महत्व पर उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान को समझने के लिए संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है और इसे शिक्षा की मुख्यधारा में गुरुकुल प्रणाली के माध्यम से जोड़ा जाना चाहिए।

RSS : मुख्य बिंदु:

  • परिवार में तीन बच्चे रखने की आवश्यकता।
  • जनसंख्या नीति 2.1 के अनुसार परिवार में तीन बच्चे।
  • अखंड भारत की अवधारणा पर जोर।
  • शहरों के नाम आक्रांताओं के बजाय वीर व्यक्तियों पर होने चाहिए।
  • संवेदनशील दृष्टि से जातिगत आरक्षण का समर्थन।
  • पंचकोशीय शिक्षा और संस्कृत के अध्ययन की आवश्यकता।
Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here