कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का स्तर लगातार तेज होता जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच नेताओं के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत टिप्पणियों और तीखे आरोपों तक पहुंच गई है। इस बार विवाद के केंद्र में अभिनेता से नेता बने बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती हैं, जिनके एक बयान ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।
मंच से दिए बयान ने बढ़ाया विवाद
कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान आयोजित एक जनसभा में मिथुन चक्रवर्ती ने अपने आक्रामक अंदाज में भाषण दिया। इसी दौरान उन्होंने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि पहले भी किसी का हाथ और पैर टूट चुका है, लेकिन इस बार स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हालात ऐसे हो सकते हैं कि सामने वाले को सीधे आईसीयू में भर्ती होना पड़ जाए। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले चुनाव के दौरान उन्हें चोट लगने के बाद व्हीलचेयर पर प्रचार करते देखा गया था।
Time and again, BJP leaders have used cheap, derogatory language against women in public, including Smt. @mamataofficial, the democratically elected Chief Minister of West Bengal.
But publicly threatening harm to a sitting woman Chief Minister from a political stage is beyond… pic.twitter.com/qT0VrMR7oI
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 14, 2026
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टीएमसी का आरोप—सीएम के लिए सीधी धमकी
मिथुन चक्रवर्ती के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने इसे एक निर्वाचित महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंच से दी गई धमकी बताया।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि बीजेपी के नेता राजनीतिक मर्यादा को भूलकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि नारी शक्ति की बात करने वाली बीजेपी के नेता आखिर एक महिला मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी तल्खी
पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने वाली है। ऐसे में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। हाल ही में कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
चुनावी बयानबाजी से बढ़ सकता है तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल की राजनीति हमेशा से आक्रामक रही है, लेकिन चुनाव के समय इस तरह के बयान माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकते हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी और बीजेपी पर हमला जारी रखेगी। वहीं बीजेपी के लिए यह बयान आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक असर आने वाले दिनों में साफ दिखाई दे सकते हैं।











