Miss Universe 2025 : मेक्सिको की फातिमा बॉश बनीं मिस यूनिवर्स 2025,भारत की मनिका विश्वकर्मा टॉप 12 से बाहर

नई दिल्ली/बैंकॉक: एक बड़ी खबर के अनुसार, थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित मिस यूनिवर्स 2025 का फिनाले भारतीय समयानुसार सुबह 6:30 बजे शुरू हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेक्सिको की फातिमा बॉश फर्नांडीज को मिस यूनिवर्स का ताज पहनाया गया। चौथे स्थान पर कोटे डी आइवर, पहले रनर-अप थाईलैंड, सेकेंड रनर-अप वेनेजुएला और थर्ड रनर-अप फिलीपींस रही।

भारत की प्रतिनिधि मनिका विश्वकर्मा का प्रदर्शन
भारत की 22 साल की मनिका विश्वकर्मा इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों की सुंदरियों के साथ कॉम्पिटिशन कर रही थीं। हालांकि, उन्हें टॉप 12 में जगह नहीं मिली। मिस यूनिवर्स 2025 के फाइनलिस्ट देशों में चिली, कोलंबिया, क्यूबा, ग्वाडेलोप, मेक्सिको, प्यूर्टो रिको, वेनेजुएला, चीन, फिलीपींस, थाईलैंड, माल्टा और कोट डी आइवर शामिल थे।

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मिस यूनिवर्स 2025 की विजेता: फातिमा बॉश
25 साल की फातिमा बॉश फर्नांडीज मैक्सिको के टैबास्को स्टेट के सेंटियागो डी टीपा शहर की रहने वाली हैं। उन्होंने 13 सितंबर 2025 को ग्वाडालाजारा में मिस यूनिवर्स मेक्सिको का ताज जीता। बचपन से पढ़ाई में चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाया। फातिमा ने मैक्सिको की आइबेरो-अमेरिकानो यूनिवर्सिटी, इटली के मिलान में NABA एकेडमी और अमेरिका के लिंडन इंस्टीट्यूट से एडवांस कोर्स किया।उनका करियर 2018 में ‘फ्लोर डी ओरो’ टाइटल जीतने से शुरू हुआ। अब वह एक मॉडल और डिजाइनर के रूप में फैशन इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

बचपन के संघर्ष
फातिमा का बचपन आसान नहीं था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें डिस्लेक्सिया और ADHD जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे पढ़ना-लिखना उनके लिए मुश्किल था। स्कूल में टीचर्स और बच्चों ने उन्हें अक्सर ताने और बुलिंग का सामना करना पड़ा।फातिमा कहती हैं, “मुझे स्पेशल अटेंशन की जरूरत थी, लेकिन मुझे सिर्फ ताने ही मिले। लोग कहते थे कि मैं स्लो हूँ और चीज़ें जल्दी नहीं समझ पाती।”

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संघर्ष को बनाया ताकत
फातिमा ने अपने मुश्किल बचपन को अपनी ताकत में बदल दिया। उन्होंने कहा, “मेरा बचपन मुश्किलों भरा था, लेकिन इन्हीं चुनौतियों ने मुझे स्ट्रॉन्ग बनाया। डिस्लेक्सिया ने मुझे अलग सोचने की क्षमता दी, जो आज मेरी सुपरपावर बन चुकी है।”

मिस यूनिवर्स का महत्व
1952 में स्थापित मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन दुनिया भर की महिलाओं के लिए मंच प्रदान करता है। यह प्रतियोगिता लीडरशिप, एजुकेशन, सोशल इंपैक्ट, डाइवर्सिटी और पर्सनल डेवलपमेंट को बढ़ावा देती है।

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