Milad-Un-Nabi 2025 : नई दिल्ली। देशभर में आज मुस्लिम समुदाय पैगंबर मोहम्मद के जन्मोत्सव मिलाद-उन-नबी की धूमधाम से श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समाज और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और शांति, करुणा और सेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा— “यह पवित्र दिन हमारे समाज में शांति और खुशहाली लाए। करुणा, सेवा और न्याय के मूल्य सदैव हमारा मार्गदर्शन करें। ईद मुबारक।”
Milad-Un-Nabi 2025 : मिलाद-उन-नबी इस्लाम के संस्थापक और अंतिम पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल में यह पर्व आता है। सुन्नी समुदाय इसे 12 रबी-अल-अव्वल को मानता है, जबकि शिया समाज 17 रबी-अल-अव्वल को पैगंबर का जन्मदिवस मानता है।
इस दिन को मौलिद भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है जन्म। पैगंबर मोहम्मद का जन्म लगभग 570 ईस्वी में मक्का में हुआ था। कम उम्र में अनाथ हो जाने के बाद उनका पालन-पोषण दादा और चाचा ने किया। 40 वर्ष की आयु में मक्का की हीरा गुफा में उन्हें फरिश्ता जिब्रील अलैहिस्सलाम के माध्यम से अल्लाह का पहला संदेश मिला, जो आगे चलकर कुरान का हिस्सा बना। उनकी शिक्षाओं का मुख्य उद्देश्य मानवता, न्याय और भाईचारे का संदेश फैलाना था।
भारत, श्रीलंका, मलेशिया सहित कई देशों में इस दिन जुलूस, धार्मिक सभाएं और दावतों का आयोजन किया जाता है। वहीं सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में इसे नहीं मनाया जाता, क्योंकि वहाँ वहाबवाद और सलाफी परंपरा जन्मदिन जैसे आयोजनों को उचित नहीं मानती।













