MGM Medical College Indore Student Suicide : इंदौर (06 फरवरी 2026): इंदौर के प्रतिष्ठित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल की आत्महत्या का मामला अब सुर्खियों में है। जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार इसे रैगिंग का परिणाम बता रहा है, वहीं पुलिस की जांच फिलहाल पढ़ाई के दबाव (Study Stress) की ओर इशारा कर रही है।
परिजनों के आरोप बनाम पुलिस की जांच
घटना के बाद से ही 21 वर्षीय अंतरिक्ष के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा की जा रही रैगिंग से परेशान होकर अंतरिक्ष ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
हालांकि, संयोगितागंज पुलिस ने जब हॉस्टल के अन्य छात्रों और अंतरिक्ष के रूममेट्स से पूछताछ की, तो जांच का रुख बदलता नजर आया। पुलिस के अनुसार:
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साथी छात्रों ने रैगिंग की बात से इनकार किया है।
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प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अंतरिक्ष एमबीबीएस की पढ़ाई और पाठ्यक्रम के बोझ को लेकर काफी तनाव में था।
परिजनों के बयानों का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। घटना के बाद परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव चले गए थे, जिसके कारण उनके विस्तृत बयान अब तक दर्ज नहीं हो सके हैं।
“पुलिस फिलहाल किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सहपाठियों के बयानों से पढ़ाई के तनाव की बात सामने आई है, लेकिन जब तक परिजन अपने बयान दर्ज नहीं कराते, तब तक रैगिंग के आरोपों को नकारा नहीं जा सकता। परिजनों के आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।”
— तुषार सिंह, एसीपी (ACP), इंदौर
एंटी-रैगिंग कमेटी भी सक्रिय
कॉलेज प्रशासन ने भी अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। यदि रैगिंग का मामला सिद्ध होता है, तो यह एमजीएम मेडिकल कॉलेज की छवि पर बड़ा दाग होगा। फिलहाल, पुलिस और कॉलेज प्रबंधन दोनों ही परिजनों के वापस लौटने और उनके बयान दर्ज होने का इंतजार कर रहे हैं।









