बैतूल [Nishanebaaz News]Betul Nagpur Fourlane Extortion Dispute। मध्य प्रदेश का बैतूल जिला इन दिनों चर्चा में है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का गृह जिला और स्थानीय विधायक का क्षेत्र होने के कारण यह जिला हमेशा राजनीतिक रूप से हॉटस्पॉट रहता है। हालांकि, इसी जिले से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आ रही है, जहां बैतूल-नागपुर फोरलेन पर दिनदहाड़े अवैध वसूली का खेल धड़ल्ले से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।
खाकी वर्दी की आड़ में धौंस और वसूली: फोरलेन सड़क पर बंद पड़े सरकारी बैरियरों के पास यह पूरा अवैध तंत्र काम कर रहा है। ट्रक चालकों और वाहन मालिकों का आरोप है कि बाहरी लोग पुलिस की वर्दी पहनकर बैतूल-नागपुर मार्ग पर खड़े रहते हैं और जबरन वसूली करते हैं:
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वसूली की दर: फोरलेन से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों और अन्य वाहन चालकों से ₹500 से लेकर ₹1000 प्रति ट्रिप के हिसाब से अवैध वसूली की जा रही है।
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बैरिकेड्स लगाकर दबाव: मुख्य फोरलेन सड़क पर अवैध रूप से बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। वर्दीधारी गाड़ियों को रोककर साइड में भेजते हैं और बहस करने पर गाड़ी पर बड़ी कार्रवाई कराने या सीज करने का डर दिखाया जाता है।
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अवैध बैरियर व्यवस्था: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जिन राज्य स्तरीय बैरियरों को बंद कर दिया गया था, वहां इस तरह की गैंग खुलेआम काम कर रही है।
हादसों का सबब और प्रशासन पर सवाल: स्थानीय लोगों और चालकों का कहना है कि इस मार्ग से जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधीक्षक (SP) और वरिष्ठ नेता रोजाना गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस पर न जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। फोरलेन पर अवैध रूप से लगाए गए इन बैरिकेड्स के कारण पूर्व में भी कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोगों ने अपनी जान तक गंवाई है।
पीड़ित चालकों की आपबीती: मामले में पीड़ित ड्राइवर जालेंद्र गौर कामड़े और मिट्ठू दहिफले ने बताया कि उन्हें डरा-धमकाकर लगातार पैसों की मांग की जाती है। अब सवाल यह उठ रहा है कि वर्दी में दिख रहे ये लोग असली पुलिसकर्मी हैं या उनकी आड़ में गुंडागर्दी की जा रही है। यदि ये पुलिसकर्मी हैं तो वे किस थाने में पदस्थ हैं और किसके आदेश पर बंद बैरियरों पर वसूली कर रहे हैं। फिलहाल, चालकों और स्थानीय जनता को प्रशासन की सख्त कार्रवाई का इंतजार है।

