रीवा [Nishanebaaz News]Rewa Encroachment Drive Controversy। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सगरा क्षेत्र स्थित बड़ियांन टोला में प्रशासन की अतिक्रमण रोधी कार्रवाई के बाद 9 परिवारों के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने लगभग 200 वर्ष पुराने एक मकान को अतिक्रमण मानकर ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद विश्वकर्मा परिवार समेत 9 परिवार इस भीषण बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
बरसात, कीचड़ और जहरीले जीवों का खतरा: अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के बाद से पीड़ित परिवारों के सिर से छत छिन गई है और उनके सामने सवाल खड़ा हो गया है कि वे अब कहां जाएं:
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200 साल पुराना आशियाना: स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस 200 वर्ष पुराने मकान में विश्वकर्मा परिवार समेत 9 परिवार पिछले दो सौ सालों से निवास कर रहे थे।
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मुश्किल हालात: लगातार हो रही बारिश के बीच आसपास कीचड़ और दलदल जमा हो गया है, जिससे बेघर हुए बच्चों और बुजुर्गों की समस्याएं कई गुना बढ़ गई हैं।
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सुरक्षा का डर: पीड़ितों का कहना है कि खुले में रहने के दौरान सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना हुआ है, साथ ही बारिश के कारण किसी दुर्घटना का अंदेशा भी है।
बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई पर सवाल: पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने अतिक्रमण तो हटा दिया, लेकिन उनके रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास का इंतजाम नहीं किया। बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस मानसूनी सीजन में उनके रहने के लिए सिर छुपाने की व्यवस्था (वैकल्पिक आवास) तत्काल की जाए।

