निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : कई लोगों को अचानक पहले जैसी भूख लगनी बंद हो जाती है और वे इसे थकान, मौसम या दिनचर्या में बदलाव समझकर अनदेखा कर देते हैं। जबकि भूख हमारे शरीर की ऊर्जा जरूरत और अंदरूनी संतुलन का अहम संकेत होती है। बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक भूख कम रहना शरीर की ताकत, इम्यूनिटी और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
समय पर और पर्याप्त भोजन न लेने से कमजोरी, चक्कर, चिड़चिड़ापन और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर वजन कम होना, पोषण की कमी, त्वचा-बालों की गुणवत्ता में गिरावट और नींद से जुड़ी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।
किन बीमारियों का हो सकता है संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार भूख न लगना कई बार किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत होता है। पाचन तंत्र की समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी या पेट में सूजन भूख कम कर सकती हैं। थायरॉइड असंतुलन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करता है, जिससे खाने की इच्छा घटती है।
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खून की कमी यानी एनीमिया, लीवर या किडनी से जुड़ी बीमारियां, लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण और हॉर्मोनल बदलाव भी इसके संभावित कारण हो सकते हैं। मानसिक कारण जैसे तनाव, डिप्रेशन और एंग्जायटी भी Appetite Loss में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
भूख बढ़ाने के लिए क्या करें
नियमित समय पर संतुलित भोजन करना बेहद जरूरी है। आहार में फल, सब्जियां, प्रोटीन और हल्का पचने वाला भोजन शामिल करें तथा ज्यादा तला-भुना और जंक फूड कम करें। पर्याप्त पानी पीना, पूरी नींद लेना और रोज हल्का व्यायाम करना पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है।
तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या पसंदीदा गतिविधियां अपनाना भी फायदेमंद माना जाता है।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी
यदि भूख कम लगने की समस्या दो-तीन सप्ताह से अधिक बनी रहे, तेजी से वजन घटे, लगातार कमजोरी, चक्कर या उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।













