निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक लता उसेंडी करीब 35 साल बाद अपने बचपन के गांव बेचा पहुंचीं। यह वही गांव है जहां उनका बचपन बीता और जहां की मिट्टी और नदी से जुड़ी यादें आज भी उनके दिल में बसती हैं।गांव पहुंचकर लता उसेंडी भावुक नजर आईं और उन्होंने अपने बचपन से जुड़ी कई यादों को साझा किया।
35 साल बाद मैं उस गांव में हूँ जहां मेरा बचपन बीता है।
ग्राम पंचायत “बेचा” जिसकी मिट्टी में खेल कर इसकी नदी का स्वच्छ जल पी कर यहाँ के लोगो के साथ घुल मिल कर हम बड़े हुए
हमारे परिवार का एक स्वर्णिम समय यहाँ हमारे पूज्य पिता जी स्व श्री मंगल राम उसेण्डी जी के साथ बीता । अनेकों… pic.twitter.com/iqIQE5Bm5L— Lata Usendi (@LataUsendi) March 11, 2026
बचपन की यादों से जुड़ा गांव
लता उसेंडी ने बताया कि बेचा गांव से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय मंगल राम उसेंडी के साथ बिताया गया समय उनकी जिंदगी की सबसे कीमती यादों में शामिल है।उन्होंने कहा कि इसी गांव की मिट्टी में खेलते हुए और यहां की नदी का पानी पीकर वे बड़ी हुईं।
नक्सल आतंक के कारण गांव से दूर रहीं
लता उसेंडी ने बताया कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक वे अपने ही गांव नहीं आ सकीं। बेचा गांव उन इलाकों में शामिल रहा है जिसने करीब चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला।नक्सल प्रभाव के चलते यहां सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी लंबे समय तक प्रभावित रहा।
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सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभव
पूर्व मंत्री लता उसेंडी ने अपने गांव की इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि कई बार मन होता था कि गांव जाकर अपने लोगों से मिलें और कुछ समय बिताएं, लेकिन नक्सल आतंक के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
‘नक्सल का अंधेरा अब छंट रहा है’
लता उसेंडी ने कहा कि अब हालात बदल रहे हैं और नक्सलवाद का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में तेजी से काम हो रहा है और जल्द ही इस समस्या का पूरी तरह अंत होगा।लता उसेंडी का यह दौरा न केवल उनके लिए भावनात्मक रहा, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलते हालात की भी एक झलक प्रस्तुत करता है।











