जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिसौती गांव में 14 अगस्त को बादल फटने से हुई भीषण तबाही के बाद रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। हालांकि खराब मौसम और भूस्खलन के कारण वे घटनास्थल तक नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
आपदा में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं और 32 अन्य अब भी लापता हैं। घायलों के इलाज का जायजा लेने के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि घायलों की हालत में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों की टीम सराहनीय काम कर रही है।
Read News : अमेरिका को लेकर वैश्विक डाक संकट, भारत फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने रोकी डाक सेवाएं
इस दौरान राजनाथ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सीधे घटनास्थल जाना चाहते थे, लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से गाड़ी आगे नहीं जा सकी। उन्होंने बताया कि अब वे राजभवन जा रहे हैं, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित परिवारों से बात करेंगे।
इधर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आपदा प्रभावितों के समुचित पुनर्वास का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 32 लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है। जीएमसी में भर्ती 16 घायलों की हालत स्थिर है और जल्द ही वे स्वस्थ होकर घर लौट सकेंगे। उपराज्यपाल ने बताया कि राहत और पुनर्वास कार्यों पर अब तक 4.13 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन मिलकर सभी प्रभावित परिवारों को मदद और पुनर्वास उपलब्ध कराएंगे।
Read News : भारत-जर्मनी रक्षा डील : 70 हजार करोड़ की 6 पनडुब्बियां, साथ में इजराइल से रैम्पेज मिसाइल खरीदने की तैयारी
किश्तवाड़ के चिसौती गांव में बादल फटने से चारों तरफ तबाही मच गई। कई घर मलबे में दब गए और गांव का बड़ा हिस्सा कीचड़ से ढक गया है, जिससे बचाव दल को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के बावजूद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है।









Read News :




