खंडवा: केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0)’ में खंडवा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिलने के बाद सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही भ्रामक खबरों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (IAS) डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कड़ा खंडन किया है।
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर होगी कार्रवाई
सीईओ डॉ. गौड़ा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अभियान से जुड़ी कुछ तथ्यहीन खबरें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासन की छवि को धूमिल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन भ्रामक खबरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
1.29 लाख जल संरक्षण कार्यों का हुआ सत्यापन
डॉ. गौड़ा ने बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान पिछले वर्ष शुरू हुआ था और 31 मई 2025 को समाप्त हुआ। इस अभियान के अंतर्गत खंडवा जिले में कुल 1,29,046 जल संरक्षण कार्यों की फोटो आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की गई थीं।
केंद्र सरकार ने किया डेस्क और फील्ड वेरिफिकेशन
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सभी अपलोड की गई तस्वीरों का डेस्क सत्यापन किया गया। इसके साथ ही रैंडम आधार पर 1 प्रतिशत कार्यों का फील्ड वेरिफिकेशन भी कराया गया। इसी पारदर्शी प्रक्रिया के बाद खंडवा जिले को देशभर में प्रथम स्थान प्रदान किया गया।
फर्जी आंकड़ों का दावा पूरी तरह गलत
सीईओ ने कहा कि कुछ खबरों में केवल 1714 फोटो अपलोड करने का दावा किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है। “हमने 1.29 लाख से अधिक फोटो अपलोड की थीं, और वही राष्ट्रीय पुरस्कार का आधार बनीं,” उन्होंने स्पष्ट किया।











