कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। जिले के उसेली पंचायत अंतर्गत पूसा गांव में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थिति यह है कि धर्मांतरित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के विरोध में ग्रामीणों ने अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजना बंद कर दिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धर्मांतरण पर आपत्ति
जानकारी के अनुसार पूसा गांव में पदस्थ दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा धर्म परिवर्तन किया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर उनसे मूल धर्म में वापस आने का आग्रह किया, लेकिन दोनों कार्यकर्ताओं ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना किया बंद
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक वे अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं भेजेंगे। इसका सीधा असर पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा जैसी सेवाओं पर पड़ रहा है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
धर्मांतरित परिवारों को दी चेतावनी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में सामाजिक संतुलन बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि जिन परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया है, वे या तो दोबारा अपने मूल धर्म में लौटें या फिर गांव छोड़ दें। साथ ही संबंधित परिवारों से लिखित घोषणा की मांग भी की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है हिंसक घटना
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को बड़े तेवड़ा और आमाबेड़ा गांव में धर्मांतरण को लेकर बवाल हुआ था, जहां भीड़ ने तीन चर्चों में आग लगा दी थी। पुलिस की कार्रवाई में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।









