Kedarnath Jhanki Burhanpur : बुरहानपुर (12 फरवरी 2026): महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बुरहानपुर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में भक्ति और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। संस्था की प्रमुख मंगला दीदी के मार्गदर्शन में इस वर्ष उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध केदारनाथ धाम का प्रतीकात्मक स्वरूप तैयार किया गया है। झांकी की भव्यता ऐसी है कि यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु को वास्तविक केदारनाथ यात्रा का अनुभव हो रहा है।
एक महीने की मेहनत और पानीपत के कलाकारों का कौशल
इस भव्य झांकी को तैयार करने के लिए एक माह पूर्व ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। हरियाणा के पानीपत से आए विशेष कलाकारों ने अपनी कलाकारी से केदारनाथ पर्वत, भगवान केदारनाथ की विशाल पिंड, और मंदाकिनी व मन्ना नदी के दृश्यों को सजीव रूप दिया है। इसमें कठिन पर्वतीय रास्तों को भी बखूबी दर्शाया गया है, जिससे श्रद्धालु पहाड़ों की चढ़ाई पार कर बाबा के दर्शन तक पहुंचने की अनुभूति कर रहे हैं।
अतीत की परंपरा: 20 वर्षों से ज्योतिर्लिंग दर्शन
संस्था प्रमुख मंगला दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय पिछले 20 वर्षों से लगातार हर महाशिवरात्रि पर विभिन्न ज्योतिर्लिंगों के प्रतीकात्मक दर्शन कराने की परंपरा निभा रहा है। इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ दिलाना है, जो शारीरिक या आर्थिक कारणों से दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा नहीं कर पाते।
गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
झांकी के उद्घाटन और दर्शन के अवसर पर क्षेत्र की विधायक अर्चना चिटनीस, पूर्व महापौर अनिल भोसले और पूर्व निगम अध्यक्ष गौरी शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अतिथियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आध्यात्मिक शांति और भक्ति का केंद्र बताया।













