रायपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश की जिला न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार अपनी चल और अचल संपत्तियों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
28 फरवरी 2026 तय की गई अंतिम तारीख
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कराई जा रही है, ताकि न्यायिक व्यवस्था में निष्पक्षता और ईमानदारी बनी रहे।
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रजिस्ट्रार (विजिलेंस) ने जारी किए दिशा-निर्देश
रजिस्ट्रार (विजिलेंस) मंसूर अहमद द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी न्यायिक अधिकारी सीधे हाईकोर्ट को जानकारी नहीं भेजेगा। सभी अधिकारी निर्धारित प्रोफॉर्मा में विवरण भरकर अपने-अपने जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपेंगे।
जिला जज पर होगी समयसीमा की जिम्मेदारी
जिला जज संपत्ति विवरण का सत्यापन कर पूरे जिले की समेकित रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजेंगे। यदि तय समयसीमा का पालन नहीं होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की होगी।
प्रतिनियुक्त अधिकारी भी दायरे में
इस आदेश के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर तैनात न्यायिक अधिकारी, फैमिली कोर्ट जज, रजिस्ट्रार जनरल और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी भी शामिल होंगे। हाईकोर्ट ने एनआईसी सेल को प्रोफॉर्मा वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।











