Jashpurnagar News : जशपुरनगर। एक ओर मई महीने की भीषण गर्मी से जलस्रोत सूख रहे हैं और लोग पेयजल के लिए परेशान हैं, वहीं जशपुर जिले के किसान इस तपती गर्मी में भी अपने खेतों में भरपूर पानी के साथ खेती कर रहे हैं। यह संभव हो पाया है जल संसाधन विभाग की पहल और बेंजोरा व्यपवर्तन योजना के सफल क्रियान्वयन से। वर्षों बाद नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से किसानों में खुशी का माहौल है।
Jashpurnagar News : क्षेत्र के किसान राजकुमार राम ने बताया कि गांव में पहले भी नहर थी, लेकिन उसमें केवल बरसात के दिनों में ही पानी आता था। जगह-जगह नहर टूट चुकी थी, जिससे किसानों को सिर्फ धान की खेती पर निर्भर रहना पड़ता था। अब जल संसाधन विभाग द्वारा करीब दो किलोमीटर लंबी नहर को मिट्टी की जगह सीमेंट से पक्का बनवाया गया है। इसका परिणाम यह हुआ कि अब किसान धान के साथ-साथ मिर्च, टमाटर, बैंगन और खीरा जैसी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं।
Jashpurnagar News : जल संसाधन संभाग, जशपुरनगर के अंतर्गत बेंजोरा व्यपवर्तन योजना के लाईनिंग कार्य के लिए लगभग 2 करोड़ 29 लाख 97 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। विभाग ने 6 फरवरी 2026 को कार्यादेश जारी किया था और 11 माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन विभाग ने महज तीन माह में ही इस निर्माण कार्य को पूर्ण करा कर किसानों की खेतों तक पानी पहुँचा दिया।
Jashpurnagar News : योजना को पूरा करने में कई तकनीकी चुनौतियां सामने आईं। पहाड़ों से आने वाला पानी भारी मात्रा में रेत लाकर नहर में जमा कर देता था, जिससे नहर जाम हो जाती थी और अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता था। इस समस्या के समाधान के लिए अनुविभागीय अधिकारी अनुप कुमार साहू के मार्गदर्शन में 200 मीटर लंबा मिट्टी का बांध बनाया गया तथा पानी को सुरक्षित रूप से नाले की ओर डायवर्ट किया गया। साथ ही नहर में जमा होने वाली रेत को बाहर निकालने के लिए विशेष “सिल्ट एस्केप रेगुलेटर” का निर्माण भी कराया गया।
Jashpurnagar News : कार्यपालन अभियंता विनोद भगत ने योजना की महत्ता को देखते हुए त्वरित रूप से निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्य प्रारंभ कराया। वहीं उप अभियंता अनुज कुमार मिश्रा और निर्माण एजेंसी की सतत निगरानी एवं मेहनत से कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।
Jashpurnagar News : योजना के पूर्ण होने से अब क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। किसानों ने वर्षों बाद खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचने पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताया है।









