Sunday, August 30, 2026
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Jal Jeevan Mission : CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की खुली पोल, हर घर जल का दावा फेल! करोड़ों खर्च फिर भी अधूरी योजनाएं

Jal Jeevan Mission
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Jal Jeevan Mission : रायपुर : छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधानसभा में पेश रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में लगाए गए करीब 33 फीसदी नल कनेक्शन बंद पड़े हैं, जबकि 19 हजार 656 गांवों में से केवल 716 गांव ही “हर घर जल” प्रमाणित हो सके हैं। रिपोर्ट में अधूरी योजनाओं, कमजोर निगरानी और गलत रिपोर्टिंग का भी खुलासा हुआ है।

Jal Jeevan Mission : CAG की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख कनेक्शन दिए गए, लेकिन इनमें से 13.31 लाख यानी करीब 33 फीसदी कनेक्शन काम नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप नहीं लगना बताई गई है।

Jal Jeevan Mission : रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि राज्य के 19,656 गांवों में से सिर्फ 716 गांव ही “हर घर जल” प्रमाणित हो सके। कई जगह अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को प्रमाणित कर दिए जाने की बात भी ऑडिट में सामने आई है। वहीं, राज्य के किसी भी जिले या विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज हासिल नहीं हो सका।

Jal Jeevan Mission : जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज योजनाओं में से मार्च 2024 तक केवल 172 पूरी हुईं और इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को संचालन के लिए सौंपा गया। दूसरी ओर, 70 मल्टी विलेज स्कीम स्वीकृत होने के बावजूद मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ।

Jal Jeevan Mission : CAG ने वित्तीय प्रबंधन, जल गुणवत्ता जांच और योजना निर्माण में भी गंभीर कमियां बताई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की अधिकांश जल परीक्षण प्रयोगशालाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप जांच करने में सक्षम नहीं हैं और कई लैब्स के पास NABL मान्यता भी नहीं है। रिपोर्ट में लंबित कार्य जल्द पूरे करने, जल स्रोतों की दीर्घकालिक योजना बनाने, निगरानी मजबूत करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की सिफारिश की गई है।

 

Jal Jeevan Mission : रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इन खामियों के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई गई है। साथ ही बताया कि केंद्र सरकार ने मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ा दी है और दूसरे चरण के तहत सभी ग्रामीण परिवारों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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