Leopard trapping cages : जबलपुर। जबलपुर जिले के पाटन परिक्षेत्र कटंगी स्थित मुरई गांव में बीती सुबह खेत गए एक किसान पर तेंदुए के हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हमले में किसान सुकरत घायल हो गए, जिन्हें चीख-पुकार मचाने के बाद तेंदुआ छोड़कर भाग निकला। घायल किसान को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीवों की आबादी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
Leopard trapping cages : किसान पर हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई। डीएफओ ऋषि मिश्रा के निर्देश पर वन विभाग के दल ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए जगह-जगह पिंजरे लगाए हैं। टीम का प्राथमिक उद्देश्य जल्द से जल्द तेंदुए को ट्रैप कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना है, ताकि ग्रामीणों को और नुकसान न हो।
Leopard trapping cages : वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनज़र गांव में व्यापक मुनादी (ड्रम बजाकर घोषणा) भी करवाई है, जिसमें ग्रामीणों को सतर्क रहने और खासकर अंधेरा होने के बाद अकेले जंगली इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। इस दौरान, वन विभाग के दल ने गांव के कई जंगली इलाकों में पटाखे फोड़े, ताकि अगर तेंदुआ कहीं छिपा हो तो वह बाहर निकल आए और उसे ट्रैप किया जा सके।
Leopard trapping cages : सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान वन विभाग की टीम को गांव के आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए के पग मार्क (पगचिह्न) भी देखने को मिले हैं, जिससे क्षेत्र में उसकी सक्रियता की पुष्टि होती है। वन विभाग का अमला लगातार गश्त कर रहा है और गांव में पैनी नजर बनाए हुए है। डीएफओ ऋषि मिश्रा ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा को लेकर वन अमला लगातार सक्रिय है और हर संभावित कदम उठाया जा रहा है।
Leopard trapping cages : डीएफओ ऋषि मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि मुरई गांव के अलावा, बीते दिनों मझौली इंद्रना क्षेत्र में भी तेंदुए का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा था। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंद्रना-मझौली क्षेत्र में भी पहले से पिंजरे लगाए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम किया जाए और दोनों क्षेत्रों में जल्द से जल्द तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया जा सके।











