Tuesday, September 8, 2026
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C.G News : कोरबा चाकू हमला मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! FIR रद्द करने की याचिका खारिज

Bilaspur high court

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले में चाकू से हमला करने के मामले में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और आरोपों की सच्चाई का परीक्षण केवल ट्रायल के दौरान ही किया जा सकता है।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया।

एफआईआर रद्द करने की मांग को नहीं मिली राहत

याचिकाकर्ता आयुष कुमार सिंह (एफआईआर में आयुष उर्फ मोंटी सिंह राजपूत) ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कोरबा के सिविल लाइन रामपुर थाना में दर्ज अपराध को निरस्त करने की मांग की थी।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि उसके खिलाफ दर्ज मामला निराधार है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।

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पुराने विवाद में हुआ था हमला

एफआईआर के अनुसार 16 मई 2025 की रात करीब 11:15 बजे भगवत नगर पोड़ीबहार क्षेत्र में प्रार्थी अपने भाई प्रमोद यादव और मित्र विक्रांत साहू के साथ बातचीत कर रहा था।इसी दौरान पुराने विवाद के चलते नाबालिग सह-आरोपी मुन्नी त्रिपाठी और याचिकाकर्ता वहां पहुंचे और प्रमोद यादव पर हमला कर दिया।

बटन चाकू से किए कई वार

आरोप है कि नाबालिग आरोपी ने बटन चाकू से प्रमोद यादव के पेट, सीने, कमर, चेहरे और हाथ पर कई वार किए। हमले में प्रमोद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।

बीच-बचाव करने आए प्रार्थी को भी इस दौरान चोटें आईं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी पेश की।

ट्रायल के दौरान तय होगी सच्चाई

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध का मामला बनता है। ऐसे में एफआईआर या चार्जशीट को रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता।

अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की सच्चाई और साक्ष्यों का मूल्यांकन ट्रायल कोर्ट में ही किया जाएगा। इसलिए मामले की सुनवाई आगे ट्रायल के जरिए जारी रहेगी।

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