निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक नए विवाद में घिर गए हैं। उन्हें डायमंड हार्बर पुलिस जिले में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन उनकी कार्यशैली और बयान को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें अजय पाल शर्मा कथित तौर पर फलता क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के घर के सामने खड़े नजर आते हैं। वीडियो में वह आसपास के लोगों को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बयान पर उठे सवाल
वीडियो में अजय पाल शर्मा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “अगर कोई शरारत करेगा तो उसे सख्त सजा मिलेगी।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “जो कर रहे हैं, उसके लिए बाद में पछताना न पड़े।” इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उम्मीदवार का जवाब
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने इन आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बड़ी जनसभा कर रहे हैं और इस तरह के बयान उन्हें प्रभावित नहीं करेंगे।
Uttar Pradesh’s notorious “Singham” and Yogi Adityanath’s favourite “encounter specialist”, Ajay Pal, has been appointed as the police observer for South 24 Parganas by the Election Commission.
This is the same officer infamous for his trigger-happy “thok do” attitude. His track… pic.twitter.com/A9T45ciYdv
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 27, 2026
टीएमसी का हमला
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने उन्हें “ट्रिगर-हैप्पी” अधिकारी बताते हुए उनके पिछले कार्यकाल से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। टीएमसी ने उनके ट्रांसफर और कथित मामलों को उठाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
निष्पक्षता पर उठते सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस ऑब्जर्वर की निष्पक्षता को लेकर बहस छिड़ गई है। विपक्षी दल इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।











