Inspiring Success Story : बुरहानपुर/बहादरपुर। “हौसले बुलंद हों तो गरीबी सपनों की राह नहीं रोक सकती,” इस कहावत को बुरहानपुर जिले के ग्राम बहादरपुर की बेटी डॉ. रुचिका राजेश पवार ने चरितार्थ कर दिखाया है। एक साधारण परिवार से आने वाली रुचिका ने तमाम आर्थिक अभावों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से MBBS की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
मजदूर दादा का सपना हुआ पूरा रुचिका के पिता राजेश पवार ने बताया कि उनके पिता (रुचिका के दादा) सूत मिल में मजदूरी करते थे। उनका हमेशा से एक ही सपना था कि उनके परिवार की बेटी डॉक्टर बने और समाज की सेवा करे। आज रुचिका ने अपनी सफलता से न केवल अपने दादाजी का सपना पूरा किया, बल्कि गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर एक नई मिसाल कायम की है।
प्रेरणा बनी रुचिका की सफलता रुचिका की इस उपलब्धि से गाँव बहादरपुर में गौरव का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। डॉ. रुचिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा कि यदि बेटियों को सही शिक्षा और परिवार का सहयोग मिले, तो वे दुनिया का हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।









