Indore Transport Department : इंदौर। शहर में नियम विरुद्ध हूटर और बत्ती लगी निजी गाड़ियों का चलन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते यह अवैध गतिविधि थमने का नाम नहीं ले रही। इस मामले में पूर्व पार्षद महेश गर्ग द्वारा दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया और परिवहन विभाग के उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के आदेश जारी किए।
सुनवाई के दौरान प्रशासनिक न्यायाधीश विजयरकुमार शुक्ला और जस्टिस विनोदकुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत दलीलों को गंभीरता से सुना। अधिवक्ता मनीष यादव ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में निजी वाहन बिना अनुमति के हूटर और बत्ती का अवैध उपयोग कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। हाईकोर्ट ने पहले ही ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ को निर्देश दिए थे कि ऐसे वाहन पकड़े जाएं, लेकिन विभाग की ओर से संतोषजनक रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की गई।
Indore Transport Department : कोर्ट को सुनवाई में केवल दो-तीन वाहन ही दिखाए गए जिनमें हूटर लगा था, जबकि शहर में दर्जनों वाहन बिना अनुमति के हूटर बजाते पाए जा रहे हैं। धार, झाबुआ, आलीराजपुर और शहडोल जैसे जिलों में भी ऐसे वाहन पकड़े गए हैं। विशेष रूप से मंत्रियों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान पीछे-पीछे चलने वाली कुछ निजी गाड़ियां भी हूटर बजाती नजर आती हैं।
हाईकोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए परिवहन विभाग से विस्तृत कार्ययोजना तलब की है और कहा कि विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि नियम विरुद्ध हूटर और बत्ती का उपयोग रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मनीष यादव, हाईकोर्ट एडवोकेट इंदौर ने बताया कि शहर में नियमों की अनदेखी और विभागीय निष्क्रियता आम नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है, और कोर्ट की कार्रवाई से उम्मीद है कि अब सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।











