Indore Sewer Death Protest : इंदौर (03 मार्च 2026): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सिंघी कॉलोनी ब्रिज क्षेत्र में आज माहौल बेहद संवेदनशील हो गया। कल सीवर चेंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से जान गंवाने वाले दो सफाईकर्मियों—अजय और करण—के शवों को लेकर हरिजन समाज के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने ब्रिज पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे शहर के व्यस्ततम रास्तों में से एक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
मुआवजे की राशि पर ठनी प्रदेश शासन की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई थी, लेकिन परिजनों ने इसे नाकाफी बताते हुए लेने से इनकार कर दिया है। समाज और परिवार की स्पष्ट मांग है कि:
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प्रत्येक मृतक के परिवार को 1-1 करोड़ रुपये का नकद मुआवजा दिया जाए।
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दोनों मृतकों की पत्नियों को नगर निगम में स्थायी (पक्की) नौकरी प्रदान की जाए।
पुलिस और प्रशासन की मशक्कत चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसीप विजय चौधरी और निगम उपायुक्त अभय राजनगांवकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन चाहते हैं। परिजनों का आरोप है कि नगर निगम ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिसके कारण दो नौजवानों की जान चली गई।
तनावपूर्ण स्थिति बरकरार मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।











