इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस अनुपम राजन और मुख्यमंत्री के निजी सचिव व एसीएस नीरज मंडलोई मौके पर पहुंचे और स्थिति की गहन समीक्षा की।
लीकेज की जांच और प्रभावित इलाकों का दौरा
दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले पाइपलाइन में मिली लीकेज वाली जगह का निरीक्षण किया। इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के साथ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र और संजीवनी क्लिनिक का दौरा किया। उन्होंने मरीजों की स्थिति देखी और प्रभावित परिवारों का हाल जाना।
स्वास्थ्य सुविधाओं में त्वरित सुधार
सरकार की त्वरित कार्रवाई के चलते प्रभावित इलाकों में पीएचसी और संजीवनी क्लिनिक में 24 घंटे मेडिकल टीम तैनात की गई है। मरीजों के डायरेक्ट केसों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और ओपीडी सेवाएं सामान्य होने लगी हैं।
जल वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई
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नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं
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संदिग्ध बोरवेल और लीक पॉइंट को तुरंत सील किया जा रहा है
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गंदे पानी के रिसाव वाले क्षेत्रों में सुधार कार्य तेजी से किए जा रहे हैं
शुद्ध पेयजल अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में कहीं भी न हों। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संसाधन, बजट या स्टाफ की कमी को कभी भी नागरिकों की सुरक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।













