Attacks on journalists : इंदौर। पिछले दिनों इंदौर के आरटीओ (RTO) परिसर में कवरेज करने गए पत्रकार हेमंत शर्मा और कैमरामैन राजा के साथ हुई मारपीट और लूट की घटना पर पत्रकारों में रोष बढ़ता जा रहा है। घटना की एफआईआर दर्ज हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद पुलिस ने यद्यपि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अन्य मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
पुलिस कमिश्नर से मिले 100 से अधिक पत्रकार
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पत्रकार संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सोमवार दोपहर, प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम के नेतृत्व में शहर के 100 से अधिक पत्रकारों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम (बाइट) ने कहा कि आरटीओ परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर दिनदहाड़े पत्रकारों पर हमला न केवल शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह मीडिया की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर भी सीधा प्रहार है। पत्रकारों ने मांग की कि सभी फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।
आरटीओ परिसर की सुरक्षा पर सवाल
पत्रकारों ने यह भी मांग की कि आरटीओ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने समय रहते सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो शहर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Attacks on journalists :
एडिशनल कमिश्नर अमित सिंह (बाइट) ने पत्रकारों को आश्वासन दिया है कि पुलिस टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ परिसर में हुई इस घटना ने पत्रकार सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट और लूट जैसी आपराधिक घटनाएँ न केवल भय का वातावरण पैदा करती हैं, बल्कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मीडिया की भूमिका को भी कमजोर करती हैं।









