Indigo crisis The center’s strict stance : नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन में जारी संकट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने अब इंडिगो के गुरुग्राम स्थित कॉर्पोरेट दफ्तर में अपने अधिकारियों को तैनात कर दिया है। डीजीसीए द्वारा गठित आठ सदस्यों की ओवरसाइट टीम इंडिगो के कामकाज पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगी, ताकि एयरलाइन के संचालन को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
डीजीसीए के इस आठ सदस्यीय निगरानी दल में सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (A) रैंक के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें कैप्टन कपिल मंगलिक, कैप्टन वी.पी. सिंह और कैप्टन अपूर्वा अग्रवाल जैसे वरिष्ठ निरीक्षक हैं। इन अधिकारियों में से दो सदस्य रोजाना इंडिगो के कॉर्पोरेट ऑफिस में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे और हर गतिविधि की सीधी निगरानी करेंगे। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि संकट की पुनरावृत्ति न हो।
Indigo crisis The center’s strict stance : डीजीसीए के अधिकारी अब निजी तौर पर इंडिगो के कामकाज को मॉनिटर करेंगे। ओवरसाइट टीम मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों की गहन जांच करेगी: विमानों की संख्या और स्थिति, पायलटों की संख्या और उपलब्धता, क्रू के कामकाजी घंटे (FDTL), और स्टैंडबाय क्रू की पूरी डिटेल। इसके अलावा, अधिकारी रोजाना कुल फ्लीट, औसत स्टेज लेंथ, डेड हेडिंग डिटेल्स, ट्रेनिंग में लगे क्रू और अनप्लांड लीव्स का लेखा-जोखा भी चेक करेंगे।
इसके अलावा, डीजीसीए ने उड़ानों के कैंसिलेशन स्टेटस (घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय), रिफंड की स्थिति, ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) और यात्रियों को मुआवजे (CAR नियमों के अनुसार) के साथ-साथ सामान लौटाने की स्थिति पर नजर रखने के लिए दो और अधिकारी—ऐश्वीर सिंह (डिप्टी डायरेक्टर) और मणि भूषण (सीनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर)—को भी कॉर्पोरेट ऑफिस में तैनात किया है।
दोनों निगरानी टीमें अपनी रोजाना की रिपोर्ट शाम छह बजे तक अनिवार्य रूप से डीजीसीए के समक्ष पेश करेंगी। डीजीसीए की यह सख्त कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के उस सवाल का सीधा जवाब है, जिसमें कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि एयरलाइन फेल होने पर सरकार ने क्या कदम उठाए। इस निगरानी से इंडिगो के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है, ताकि यात्रियों को आगे किसी भी तरह की परेशानी न हो।











