Rewa Leopard Poaching : रीवा। जिले के चाकघाट रेंज में शिकारियों की एक बेहद क्रूर और शर्मनाक करतूत सामने आई है। यहाँ एक करीब डेढ़ साल की मादा तेंदुए का शिकार कर उसके चारों पैरों के पंजे काट लिए गए। शिकारियों ने नाखून के लालच में इस बेजुबान की जान ले ली और शव को पास के ही एक गड्ढे में फेंक कर फरार हो गए। इस सनसनीखेज घटना के बाद वन विभाग ने पन्ना से डॉग स्क्वाड बुलाकर सर्चिंग शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने चाकघाट रेंज के अंतर्गत गड्ढे में एक तेंदुए का शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुँचे रेंजर और अधिकारियों ने देखा कि तेंदुए के चारों पैरों से नाखून और पंजे गायब थे। केवल दो नाखून शेष बचे मिले, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि शिकार केवल नाखून और पंजों की तस्करी के लिए किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीसीएफ, डीएफओ रीवा और मऊगंज एसडीओ भी मौके पर पहुँचे।
शव का पोस्टमार्टम (PM) कराया गया, जिसमें उसकी उम्र एक से डेढ़ वर्ष के बीच पाई गई। पीएम के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में विधि-विधान से तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। शिकारियों तक पहुँचने के लिए पन्ना से विशेष डॉग स्क्वाड की टीम बुलाई गई। जाँच के दौरान खोजी कुत्ता घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित एक घर में जा घुसा। शक के आधार पर वन विभाग की टीम ने उस घर की सघन तलाशी ली और वहां रहने वाले लोगों से पूछताछ की।
फिलहाल, मुख्य शिकारी पुलिस और वन विभाग की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। विभाग ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय शिकारियों के गिरोह को जल्द ही बेनकाब किया जाएगा।
हृदय लाल सिंह, एसडीओ वन विभाग: “मादा तेंदुए का शव बरामद हुआ है, जिसके पंजे गायब हैं। यह शिकार का स्पष्ट मामला है। डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। कुछ संदेहियों के नाम सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी।”













