Gangew School News : मऊगंज/गंगेव। शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला मऊगंज जिले के गंगेव से सामने आया है। यहाँ शासकीय कन्या हाई स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) सुभाष चंद्र त्रिपाठी पर स्कूल और छात्रावास की छात्राओं ने ‘बैड टच’ और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तब उजागर हुआ जब सातवीं और आठवीं कक्षा की छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को प्राचार्य की करतूतों के बारे में बताया।
छात्राओं का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से प्रिंसिपल सुभाष चंद्र त्रिपाठी उनके साथ छेड़छाड़ और निजी अंगों को छूने जैसी गंदी हरकतें कर रहे थे। शुरुआत में छात्राएं अपनी नादानी के कारण प्राचार्य की इन हरकतों को समझ नहीं पाईं, लेकिन जब उनकी मनमानी हद से ज्यादा बढ़ गई, तो बच्चियों ने अपने घर पर इस बात का जिक्र किया। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य केवल स्कूल की छात्राओं के साथ ही नहीं, बल्कि छात्रावास में रहने वाली अन्य छोटी बच्चियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार करते थे।
प्रभारी कलेक्टर ने कहा- मामला अति संवेदनशील जैसे ही यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया, हड़कंप मच गया। प्रभारी कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने पूरे मामले को बेहद गंभीर और अति संवेदनशील बताया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम स्कूल और छात्रावास की अन्य बच्चियों से भी बात करेगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
3 दिन में मांगी गई रिपोर्ट प्रभारी कलेक्टर ने डीपीसी को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्राचार्य के विरुद्ध कठोरतम कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
परिजनों में भारी आक्रोश इस खुलासे के बाद छात्राओं के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। परिजनों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही अगर रक्षक से भक्षक बन जाए तो बच्चियां कहाँ सुरक्षित रहेंगी। परिजनों ने आरोपी प्राचार्य को तत्काल पद से हटाकर जेल भेजने की मांग की है।
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पीड़ित छात्राएं: “प्रिंसिपल सर काफी समय से हमें गंदी तरह से छूते थे। हम डर के मारे किसी को बता नहीं पा रहे थे, लेकिन अब हमने सब बता दिया है।”
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परिजनों का बयान: “हमें अपनी बेटियों की सुरक्षा की चिंता है। ऐसे चरित्रहीन व्यक्ति को स्कूल में रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
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डॉ. सौरभ संजय सोनवणे (प्रभारी कलेक्टर): “यह मामला अति संवेदनशील है। डीपीसी को जांच सौंपी गई है और 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”









