हरदा: जिले के टिमरनी-पोखरनी मार्ग पर गेहूं की तुलाई न होने से अचानक हंगामे की स्थिति बन गई। यहाँ एक नाराज किसान ने अपनी गेहूं से भरी पूरी ट्रॉली को बीच सड़क पर ही खाली कर दिया। दरअसल, समिति के कर्मचारियों ने उसके गेहूं को अमानक स्तर का बताकर खरीदने से साफ मना कर दिया था। इस बात से नाराज होकर किसान ने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह इसी तरह की उपज पहले भी समिति में बेच चुका है। हालांकि, इस बार कर्मचारियों ने उसकी बात सुनने से साफ इनकार कर दिया।
सड़क पर लगा लंबा जाम
इस घटना के बाद टिमरनी-पोखरनी रोड स्थित तारा वेयरहाउस के सामने अफरातफरी मच गई। सड़क पर भारी मात्रा में गेहूं फैल जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिणामस्वरूप, यहाँ का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। राहगीरों को इस जाम की वजह से बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस पूरे हंगामे के करीब आधे घंटे बाद तक भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यही कारण है कि मौके पर मौजूद अन्य किसानों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
दिलचस्प बात यह है कि आज ही कलेक्टर का टिमरनी क्षेत्र में दौरा प्रस्तावित था। इसके बावजूद खरीदी केंद्रों पर इस तरह की भारी अव्यवस्था देखने को मिली। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि किसानों को समय पर सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती है। उचित व्यवस्था न मिलने के कारण ही किसान इस तरह के कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं। अंततः, इस घटना ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत की पोल खोलकर रख दी है।








