दुर्ग। जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मकान के भीतर दंपती और उनके दो मासूम बच्चों की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े हुए मिले, जबकि पति और पत्नी के शव फंदे से लटके हुए थे। पुलिस को मौके से मृतका चंचल साहू के नाम का एक सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में चंचल ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से बुरी तरह परेशान होने की बात स्वीकार की है।
सुसाइड नोट में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप
मृतका ने सुसाइड नोट में अपने पति गोविंद साहू पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन दोनों ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन पिछले कुछ समय से इनके बीच लगातार विवाद चल रहा था। इस नोट में महिला ने यह भी साफ लिखा है कि उसने इस खौफनाक वारदात को कैसे अंजाम दिया। चंचल ने पहले अपनी 13 वर्षीय बेटी दृष्टि और 11 वर्षीय बेटे यशांत को जबरन शराब पिलाई। इसके बाद उसने दोनों मासूमों को नींद का हैवी इंजेक्शन भी लगाया।

गला घोंटकर सुनिश्चित की बच्चों की मौत
इंजेक्शन लगाने के बाद भी जब बच्चों की मौत कन्फर्म नहीं हुई, तो महिला ने बेरहमी से रस्सी से उनका गला घोंट दिया। इसके अलावा उसका पति गोविंद भी शराब पीने का आदी था, जिसे वारदात के वक्त काफी शराब पिलाई गई थी। मृतका के गाल पर थप्पड़ के निशान भी मिले हैं। परिणामस्वरूप, पुलिस अंदेशा जता रही है कि फांसी पर लटकने से पहले दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। आशंका है कि पहले पति फंदे पर झूला और उसके बाद पत्नी ने भी फांसी लगा ली।

माता-पिता की मर्जी के खिलाफ की थी शादी
जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका चंचल ने अपने माता-पिता और भाई के फैसले के खिलाफ जाकर यह लव मैरिज की थी। इसके बावजूद वह अपनी इस शादीशुदा जिंदगी से बिल्कुल भी खुश नहीं थी। वह शादी के कुछ साल बाद से ही अपने पति की हरकतों से परेशान रहने लगी थी। यही कारण है कि चंचल ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले सुसाइड नोट में अपने परिवार के सदस्यों से माफी भी मांगी है।
संयुक्त परिवार में रहता था पीड़ित परिवार
मृतक गोविंद साहू शेयर ट्रेडिंग का काम करता था और उसका ऑफिस भिलाई के प्रियदर्शनीय परिसर में स्थित था। गोविंद के तीन भाई दुर्ग के आर्य नगर स्थित घर में एक साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। सभी भाइयों का परिवार एक ही साथ रहता था और घर में खाना भी एक ही चूल्हे पर बनता था। गोविंद आठ दिन पहले ही बालाजी के दर्शन करके दुर्ग वापस लौटा था। उसके आने के बाद बाकी के दो भाई अपने परिवार के साथ पूरी घूमने गए थे, जो कल रात ही वापस लौटे थे।
कॉल डिटेल की गहन जांच कर रही पुलिस
एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक टीम और स्थानीय थाना पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। इसके साथ ही घर से मिले साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस सामूहिक मौत के पीछे की असली सच्चाई का पता लगाया जा सके।









