Hanuman Murti Khandit : गौरी शंकर गुप्ता/बलरामपुर (शंकरगढ़): छत्तीसगढ़ के शांत माने जाने वाले बलरामपुर जिले में असामाजिक तत्वों ने नए साल के जश्न के बीच एक बड़ी साजिश को अंजाम दिया है। शंकरगढ़ के कोठली (पवईफाल) स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर में घुसकर उपद्रवियों ने बजरंग बली की मूर्ति को खंडित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और ग्रामीणों का गुस्सा उफान पर है।
अपवित्रता की पराकाष्ठा: श्रद्धालुओं में भारी शोक
जब स्थानीय ग्रामीण और भक्त मंदिर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए। उपद्रवियों ने न केवल मूर्ति तोड़ी, बल्कि धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने भारी मन से खंडित मूर्ति के अवशेषों को सुरक्षित किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए।
बजरंग दल की चेतावनी: ‘धर्मांतरित तत्वों’ पर शक
बजरंग दल के खंड संयोजक दयाशंकर यादव ने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए इसे एक सुनियोजित हमला बताया है। शिकायत में कुछ धर्मांतरित तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
“यह हमारी आस्था पर सीधा प्रहार है। कुछ ताकतें क्षेत्र की शांति भंग करना चाहती हैं, जिन्हें हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।” — दयाशंकर यादव, बजरंग दल
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन पर दबाव
शंकरगढ़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रधान आरक्षक उर्मिला लहरी के नेतृत्व में टीम साक्ष्य जुटा रही है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।











