Gym Clubs Drug Racket : भोपाल, मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल में पुलिस ने एक बड़े और सनसनीखेज ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह लड़कियों को जिम और क्लबों के माध्यम से वेट लॉस (वजन घटाने) और डिप्रेशन के इलाज के नाम पर ड्रग्स की लत लगाता था। इसके बाद इन्हीं लड़कियों का इस्तेमाल कर युवाओं को मुफ्त ड्रग्स देकर उन्हें नशे का आदी बनाया जाता था, और फिर उनसे ड्रग्स की डिलीवरी का काम लिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में दो कुख्यात ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सब्जी मंडी टीन शेड क्षेत्र से सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख नामक दो आरोपियों को दबोचा है। सैफुद्दीन पर पहले से 5000 रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को इन आरोपियों के पास से 15.14 ग्राम एमडी ड्रग्स और लगभग 3 लाख रुपये का नशे का माल बरामद हुआ है। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक क्षेत्र में घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उनकी स्कूटी और व्यक्तियों की तलाशी ली, जिसमें एमडी ड्रग्स बरामद हुआ।
लड़कियों का इस्तेमाल: रैकेट की चौंकाने वाली रणनीति
पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने बताया कि वे भोपाल की कई जिम और क्लब में आने वाली लड़कियों को ‘वेट लॉस’ और ‘डिप्रेशन से निजात’ दिलाने का लालच देकर नशे की आदत डालते थे। एक बार जब लड़कियां नशे की आदी हो जाती थीं, तो उनका इस्तेमाल ड्रग्स की डिलीवरी के लिए किया जाता था। आरोपियों के अनुसार, लड़कियों की तलाशी कम होती है और उन पर आसानी से शक नहीं किया जाता, जिससे यह रैकेट बिना किसी बाधा के संचालित होता था।
यह गिरोह युवाओं को पार्टी लाइफ, ऊंची नौकरी और लग्जरी जीवन का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। पुलिस का मानना है कि ‘चेन मार्केटिंग’ के तर्ज पर फैलाया गया इस नेटवर्क का जाल प्रदेश के अन्य जिलों तक भी फैला हो सकता है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश कर रही है और ड्रग्स की आपूर्ति की पूरी चैन का पता लगाने के लिए गहन छानबीन जारी है। इस खुलासे ने शहरी क्षेत्रों में ड्रग्स के बढ़ते खतरे और उसके नए तौर-तरीकों को उजागर किया है।











