Gwalior News : ग्वालियर। लगातार बारिश और डेम फुल होने से शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रमुआ और वीरपुर बांध के गेट खोलने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। वीरपुर बांध के गेट खुलते ही विवाद भी खड़ा हो गया। डूब क्षेत्र में बसे स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी, जिससे उनकी जान और माल पर संकट आ गया है।
Gwalior News : इसी विरोध के चलते कुछ ग्रामीण जल सत्याग्रह पर बैठ गए। उनका कहना है कि बांध के पास बने गार्डन और रिसॉर्ट्स में पानी भर जाने के कारण रसूखदारों को बचाने के लिए गेट खोले गए हैं, जबकि आम लोग डूब क्षेत्र में फंस गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो उनके घर पूरी तरह डूब जाएंगे।
गौरतलब है कि वीरपुर बांध का गेट 36 साल बाद खोला गया है। जैसे ही पानी छोड़ा गया, डूब क्षेत्र के कई मकान इसकी चपेट में आ गए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन बांध क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही वहां आने-जाने वाले लोगों और पुल से गुजरने वालों को बांध के पानी से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है। इतना ही नहीं, सुरक्षा कारणों से गणपति विसर्जन की परमिशन भी इस इलाके में रोक दी गई है।











