SDM Office Gharghoda: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय घरघोड़ा की नई विभागीय जानकारी ने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) से मिले दस्तावेज़ के अनुसार कार्यालय में कुल 07 पद स्वीकृत हैं। इसके विपरीत वर्तमान में केवल 04 पदों पर ही कर्मचारी पदस्थ हैं, जबकि 03 महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। यही कारण है कि कार्यालय का रोजमर्रा का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
खाली पदों की पूरी जानकारी
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार दफ्तर में स्टेनोटाइपिस्ट का एक महत्वपूर्ण पद पूरी तरह खाली पड़ा है। इसके साथ ही मैदानी काम संभालने वाले भृत्य के दो पद भी रिक्त बताए गए हैं। हालांकि काम चलाने के लिए प्रशासन ने कुछ बाहरी कर्मचारियों को यहां बुला रखा है। ये कर्मचारी अन्य विभागों और तहसील कार्यालय से संलग्न व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर नियमित प्रशासनिक ढांचा कब तक इस कामचलाऊ व्यवस्था पर निर्भर रहेगा।
आम जनता की बढ़ी परेशानी
राजस्व कार्यालय सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़े रोजमर्रा के मामलों का मुख्य केंद्र होता है। यहाँ प्रतिदिन नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, राजस्व विवाद और विभिन्न जाति-निवास प्रमाण पत्र से जुड़े सैकड़ों प्रकरण आते हैं। इसके विपरीत कर्मचारियों की कमी के कारण फाइलों का निपटारा समय पर नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
सीमित स्टाफ पर अतिरिक्त काम का बोझ
सीमित स्टाफ होने के कारण वर्तमान में कार्यरत चार कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। इसके अलावा संलग्न कर्मचारियों के भरोसे कार्यालय की गोपनीयता और व्यवस्था को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने अब प्रशासन की इस ढीली कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल दागने शुरू कर दिए हैं। वे पूछ रहे हैं कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों ने अब तक क्या ठोस पहल की है।
फाइलों के निस्तारण की गति हुई धीमी
दस्तावेज़ के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि महत्वपूर्ण राजस्व मामलों के लिए पर्याप्त कर्मचारी कब तक उपलब्ध होंगे। रिक्त पदों की वजह से कोर्ट के जरूरी कामों की गति भी काफी धीमी हो गई है। अंततः क्षेत्र के लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि घरघोड़ा एसडीएम कार्यालय में नियमित पदों पर जल्द से जल्द नई नियुक्तियां की जाएं, ताकि लोगों को इस स्टाफ संकट से राहत मिल सके।









