रायपुर। राजधानी रायपुर में सोमवार को गणेश विसर्जन महापर्व उत्साह और परंपरा के रंगों में डूबा नजर आया। शहरभर से निकली आकर्षक झांकियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस बार की झांकियों में ऑपरेशन सिंदुर, कृष्ण लीला और हनुमान-रावण युद्ध विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। जय स्तंभ चौक पर नगर निगम के मुख्य स्वागत मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झांकियों का अवलोकन किया। उनके साथ मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा और महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने मंच से जयकारों के बीच कहा— “यह पल गौरव का है। दस दिन की पूजा-अर्चना के बाद आज विसर्जन की बेला आई है। रायपुर की झांकियां हमेशा ऐतिहासिक पहचान रखती हैं। प्रथम पूज्य गणेश से यही कामना है कि छत्तीसगढ़ सुख-समृद्धि और खुशहाली से भरा रहे।”
सुरक्षा में पुलिस का ‘ऑपरेशन अलर्ट’
भव्य आयोजन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर को सुरक्षा कवच में बदल दिया। पूरे रायपुर को 6 सुरक्षा सेक्टरों में बांटकर हर सेक्टर की कमान DSP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई। लगभग 1500 पुलिसकर्मी और यातायात बल की तैनाती की गई, जिससे शहर छावनी में तब्दील हो गया। भीड़ प्रबंधन और रूट डायवर्जन की सख्त मॉनिटरिंग की गई, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में गणपति बप्पा को विदाई दे सकें।









