CG News : 103 साल पुरानी परंपरा : राजनांदगांव की सुमति मंडल में धूमधाम से विराजे गणपति बप्पा, विसर्जन झांकी में दिखेगा गजेन्द्र मोक्ष

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हेमंत वर्मा/राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव की पहचान जहां एक ओर हॉकी से है, वहीं दूसरी ओर यहां की भव्य झांकियों से भी पूरे देशभर में विशेष स्थान रखती है। इन्हीं झांकियों और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध सुमति मंडल इस वर्ष अपने स्थापना के 103 वर्ष पूरे कर चुकी है।

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सुमति मंडल की स्थापना वर्ष 1922 में स्व. उमाशंकर अग्रवाल, स्व. देवीचंद चौरड़िया और श्यामसुंदर लोहिया ने की थी। तब से लेकर अब तक लगातार परंपरा को निभाते हुए गणेश स्थापना की जाती रही है। आज भी मंडल के जुझारू सदस्य दिन-रात बप्पा की सेवा में समर्पित रहते हैं।

गणपति स्थापना के अवसर पर मंडल की ओर से रोजाना अलग-अलग प्रकार की प्रसादी का वितरण किया जा रहा है, जिसमें पोहा, दाल लपेटा, खीर-पूरी, इडली जैसी व्यंजन प्रमुख हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंचकर बप्पा के दर्शन व प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

विशेष आकर्षण के लिए मंडल ने इस बार भव्य साज-सज्जा, रंग-बिरंगी झालर, आकर्षक पंडाल और सेल्फी जोन की व्यवस्था की है। मंडल की वर्तमान कार्यकारिणी में अध्यक्ष अशोक लोहिया, संरक्षक सुभाष चौरड़िया, उपाध्यक्ष नीलेश शुक्ला तथा विसर्जन झांकी प्रभारी रक्षित अग्रवाल और विनय चौरड़िया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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हर साल की तरह इस बार भी सुमति मंडल की विसर्जन झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इस वर्ष झांकी में ‘गजेन्द्र मोक्ष’ प्रसंग का जीवंत चित्रण किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रेरणा देगा। विसर्जन यात्रा में धुमाल पार्टी के भजन और गीत-संगीत का विशेष समावेश रहेगा।

मंडल के झांकी प्रभारी रक्षित अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में पंडाल पहुंचकर गणपति बप्पा का आशीर्वाद लें और इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बनें।

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