Fuel Conservation Campaign : रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के संयमित उपयोग और सादगी अपनाने के आह्वान का समर्थन करते हुए एक सराहनीय निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे अब अपने आधिकारिक दौरों और प्रवास के दौरान पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी या किसी भी प्रकार के विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे।
सुरक्षा और अनिवार्यता को छोड़कर सादगी पर जोर मंत्री चौधरी ने स्पष्ट किया है कि कुछ सुरक्षा संबंधी अति अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर, वे सामान्य स्थिति बहाल होने तक किसी भी सुरक्षा काफिले या पायलट-फॉलो वाहनों का लाभ नहीं लेंगे। उन्होंने यह निर्णय प्रधानमंत्री की उस अपील के बाद लिया है, जिसमें सार्वजनिक जीवन में पदस्थ व्यक्तियों से ईंधन और सरकारी संसाधनों के संरक्षण का आग्रह किया गया था।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अपील पर मैंने स्थिति सामान्य होते तक कुछ सुरक्षा संबंधी अति अनिवार्य परिस्थितियों को छोड़कर कोई पायलट या फॉलो गाड़ी/प्रोटोकॉल उपयोग नहीं करने का निर्णय किया है@narendramodi
— OP Choudhary (@OPChoudhary_Ind) May 12, 2026
प्रशासनिक व्यय और संसाधनों की बचत सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए ओ.पी. चौधरी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी संसाधनों के अपव्यय को रोकना और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक उदाहरण पेश करना है। उनके इस कदम को प्रदेश की राजनीति में “वीआईपी कल्चर” को कम करने और जनता के बीच सादगी का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।
जनता और कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश मंत्री के इस फैसले की व्यापक सराहना हो रही है। जानकारों का मानना है कि एक कैबिनेट मंत्री द्वारा स्वयं आगे बढ़कर अपने विशेषाधिकारों का त्याग करना अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। इससे न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा, बल्कि आम जनता को होने वाली ट्रैफिक संबंधी असुविधाओं में भी कमी आएगी।









