Excise Overtime Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी मेनपावर और ओवरटाइम भुगतान मामले में आरोपी नवीन प्रताप सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने पैरवी की।
ED की सूचना के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर कार्यालय ने तीन लोगों से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसके बाद ED ने छत्तीसगढ़ शासन को इसकी जानकारी दी। इसी आधार पर EOW/ACB ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ओवरटाइम भुगतान में अनियमितता का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए कर्मचारियों से जुड़े बिलों के भुगतान में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि कर्मचारियों की संख्या और उपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर बढ़े हुए बिल तैयार किए गए और ओवरटाइम तथा अन्य मदों में अतिरिक्त भुगतान कराया गया।
जांच में एजेंसियों पर कमीशन का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि मैनपावर एजेंसियों को किए गए भुगतान में से अतिरिक्त रकम को कथित तौर पर कमीशन के रूप में निकाला गया और अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया गया। मामले में 2019 से 2023 के बीच CSMCL में मैनपावर बिलों की प्रक्रिया और भुगतान को लेकर जांच की गई है।
28.80 लाख रुपये की बरामदगी अहम कड़ी
जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, 29 नवंबर 2023 को एक मैनपावर एजेंसी के खाते से 29.40 लाख रुपये निकाले गए थे। इसमें से 28.80 लाख रुपये की रकम बाद में ED की कार्रवाई के दौरान बरामद हुई। जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम कथित तौर पर मैनपावर बिलों के भुगतान से जुड़े लेनदेन का हिस्सा थी।
नवीन प्रताप सिंह तोमर पर क्या आरोप हैं?
जांच एजेंसी के अनुसार, नवीन प्रताप सिंह तोमर उस दौरान CSMCL में डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और मैनपावर से जुड़े बिलों की प्रक्रिया और मंजूरी से संबंधित कामकाज में उनकी भूमिका थी। अभियोजन पक्ष ने उन पर कथित तौर पर अवैध राशि के लेनदेन और पूरे मामले में साजिश का हिस्सा होने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगा।
अंतरिम जमानत के बाद आगे की प्रक्रिया
Excise Overtime Scam: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे होगी।






