Government Scheme: नई दिल्ली। जब सुरक्षित निवेश की बात आती है तो ज्यादातर लोग बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को प्राथमिकता देते हैं। खासकर उस बैंक में FD कराना आसान लगता है, जहां पहले से सेविंग अकाउंट मौजूद हो। लेकिन अगर निवेश की अवधि सिर्फ 1 साल है, तो बैंक FD के अलावा पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम भी एक विकल्प हो सकती है।
मौजूदा ब्याज दरों की तुलना करें तो 1 साल की अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर SBI की सामान्य FD के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिल रहा है। 30 सितंबर 2026 तक की तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस के 1 साल के टाइम डिपॉजिट पर 6.90% सालाना ब्याज दर लागू है। वहीं SBI सामान्य ग्राहकों को 1 साल से 2 साल से कम अवधि की FD पर 6.25% सालाना ब्याज दे रहा है। यानी दोनों के बीच ब्याज दर में 0.65 प्रतिशत अंक का अंतर है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी तुलना जरूरी
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में SBI की 1 साल से 2 साल से कम अवधि वाली FD पर 6.75% सालाना ब्याज मिल रहा है। दूसरी ओर पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की ब्याज दर 6.90% है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए दोनों विकल्पों के बीच अंतर सिर्फ 0.15 प्रतिशत अंक रह जाता है।
SCSS में 8.2% ब्याज, लेकिन अवधि 5 साल
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS भी एक आकर्षक सरकारी विकल्प है। इस योजना में फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो 1 साल के पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और SBI FD से ज्यादा है।
हालांकि SCSS को सिर्फ 1 साल के निवेश के तौर पर नहीं देखा जा सकता। इसकी सामान्य अवधि 5 साल है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को अपना पैसा एक साल बाद ही वापस चाहिए, तो केवल ज्यादा ब्याज देखकर SCSS में निवेश करना उचित नहीं होगा।
निवेश से पहले अवधि पर दें ध्यान
निवेश का फैसला केवल ब्याज दर देखकर नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह तय करना जरूरी है कि पैसा कितने समय के लिए निवेश किया जा सकता है। अगर अगले कुछ महीनों या एक साल में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो लंबे समय के लिए पैसा लॉक करने वाली योजना परेशानी पैदा कर सकती है।
वहीं, अगर निवेशक को भरोसा है कि अगले 5 साल तक रकम की जरूरत नहीं पड़ेगी, तो ज्यादा ब्याज देने वाली लंबी अवधि की योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।
MBA चाय वाला ने भी उठाया FD और सरकारी योजनाओं का मुद्दा
उद्यमी और MBA चाय वाला ग्रुप के CEO प्रफुल्ल बिल्लोरे ने X पर पोस्ट के जरिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, SBI FD और SCSS के ब्याज की तुलना का मुद्दा उठाया। उनका सवाल था कि जब कुछ छोटी बचत योजनाएं बैंक FD से बेहतर ब्याज दे रही हैं, तो निवेशक केवल सुविधा या आदत के कारण बैंक FD को ही क्यों चुनें। हालांकि बैंक FD का अपना फायदा है। बैंकिंग सुविधा पहले से उपलब्ध होने के कारण FD खोलना और उससे जुड़े काम करना कई लोगों के लिए आसान होता है।
पैसा लगाने से पहले खुद से पूछें ये 3 सवाल
Government Scheme: निवेश करने से पहले यह जरूर तय करें कि पैसा कितने समय के लिए रखना है, बीच में इसकी जरूरत पड़ सकती है या नहीं और समय से पहले पैसा निकालने पर क्या नियम लागू होंगे। याद रखें, सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली योजना हर निवेशक के लिए सबसे बेहतर विकल्प नहीं होती। अगर रकम सिर्फ एक साल के लिए निवेश करनी है तो अवधि के हिसाब से विकल्प चुनना जरूरी है। वहीं लंबे समय के लिए पैसा अलग रखा जा सकता है, तो ज्यादा ब्याज वाली योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।






