Anil Ambani/नई दिल्ली: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की तकलीफें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। इसी क्रम में उनकी कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की नई संपत्ति अटैच कर दी है। इससे पहले ED ने इसी जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। इस तरह कुल अटैचमेंट लगभग 9,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
जांच और अटैचमेंट का विस्तार
मामले पर सूत्रों के अनुसार, ED ने देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद एसेट्स को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अटैच किया है। जांच अभी भी जारी है और एजेंसी की उम्मीद है कि जल्द ही एसेट्स के नेचर और ट्रांजैक्शन्स की डिटेल्स जारी की जाएँगी।
Read More : Business News : भारतीय बाजार सपाट, रुपये में मजबूती और कच्चे तेल में गिरावट से मिला सहारा
अनिल अंबानी नहीं हुए ED के सामने पेश
Anil Ambani इससे पहले, अनिल अंबानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) उल्लंघन के मामले में ED के सामने दूसरी बार पेश नहीं हुए। ED ने उन्हें नया समन जारी किया है। यह मामला राजस्थान में जयपुर और रींगस को जोड़ने वाले 556 करोड़ रुपये के रोड प्रोजेक्ट से जुड़े फंड के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़ा है।
कंपनी ने बयान में कहा:
“अनिल अंबानी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने अप्रैल 2007 से मार्च 2022 तक लगभग पंद्रह साल तक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम किया और कभी भी कंपनी के रोजाना के मैनेजमेंट में शामिल नहीं रहे।”
अटैचमेंट और आगे की प्रक्रिया
Anil Ambani फिलहाल ED अब इस मामले में जांच के दायरे में आए सभी ट्रांजैक्शन्स और संपत्ति के लिंक की जांच कर रहा है। अटैचमेंट का उद्देश्य जांच की प्रभावशीलता बढ़ाना और कथित मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है।
अनिल अंबानी और रिलायंस ग्रुप के खिलाफ ED की यह कार्रवाई भारत में कॉरपोरेट फाइनेंशियल गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग पर सख्त नजर रखने का साफ़ संकेत है। कुल अटैचमेंट 9,000 करोड़ रुपये से अधिक होने से यह मामला लगातार सुर्खियों में चल रहा है। वहीं इस जांच की पूरी होने तक ED की कार्रवाई और अपडेट्स पर फिलहाल पूरा देश नजर बनाए हुए है।











