दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। खुर्सीपार गेट और पावर हाउस के बीच रेलवे ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। अज्ञात लोगों द्वारा किए गए इस हमले में ट्रेन के इंजन के सामने लगा कांच क्रैक हो गया और उसमें दरार आ गई। गनीमत रही कि इस घटना में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट पूरी तरह सुरक्षित रहे, अन्यथा एक बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
चलती ट्रेन पर अचानक हमला
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, राजधानी एक्सप्रेस जब खुर्सीपार क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक पत्थरबाजी की गई। तेज आवाज के साथ इंजन के शीशे पर पत्थर लगा, जिससे कांच टूटने से बच गया लेकिन उसमें दरार आ गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
लोको पायलट ने तुरंत दी सूचना
घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इसकी सूचना दी। अलर्ट मिलते ही आरपीएफ की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बताया जा रहा है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खुर्सीपार इलाके में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया जा चुका है। उस मामले में आरपीएफ ने एक अपचारी बालक को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
ट्रैक के आसपास बढ़ी निगरानी
फिलहाल आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम रेलवे ट्रैक से सटी बस्तियों और संदिग्ध इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
लगातार हो रही ट्रेन पथराव की घटनाओं से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।









