Delhi Blast Updates/नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। फोरेंसिक जांच में यह पुष्टि हो गई है कि धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी ही था। जांच टीमों को घटनास्थल से कार के अंदर से दांत, हड्डियां, खून लगे कपड़े और पैर का हिस्सा मिला था। इन सभी नमूनों का DNA उमर की मां और भाई से मेल खा गया है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि उमर ही उस समय कार चला रहा था और उसने खुद को विस्फोट में उड़ा लिया।
धमाके का CCTV फुटेज सामने आया
Delhi Blast Updates जांच के दौरान पुलिस को धमाके का सबसे नजदीकी CCTV फुटेज मिला है। वीडियो में देखा गया कि शाम करीब 6:51 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के सिग्नल पर करीब 20 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी थीं। जैसे ही सिग्नल हरा हुआ, उमर की i20 कार में तेज़ धमाका हुआ। जोरदार विस्फोट के बाद आग की लपटें उठीं और आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हो गए।
दूसरी गाड़ी की तलाश में एजेंसियां
वहीं इस जांच के दौरान पुलिस को एक और गाड़ी के इस हमले से जुड़े होने की जानकारी मिली। हरियाणा के खंदावली गांव में एक लाल ईको स्पोर्ट्स कार लावारिस हालत में पाई गई, जो उमर नबी के नाम से रजिस्टर्ड थी। इस कार की जांच के लिए NSG और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची हैं। बताया जा रहा है कि कार उस जगह मिली, जो उमर के ड्राइवर की बहन का घर है।
विदेशी कनेक्शन की जांच
Delhi Blast Updates सूत्रों के अनुसार, उमर फरीदाबाद के ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का सक्रिय सदस्य था। वह अंकारा (तुर्की) में बैठे अपने हैंडलर ‘UKasa’ से ‘सेशन ऐप’ के जरिए लगातार संपर्क में था। जांच एजेंसियों को शक है कि मार्च 2022 में उमर और उसके साथी ‘ब्रेनवॉश’ ट्रेनिंग के लिए अंकारा गए थे। माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से है।
केंद्र सरकार ने माना आतंकी हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया गया। केंद्र सरकार ने केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल के नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की दिशा में जांच आगे बढ़ा रही हैं।









