IPL Ebeting Racket: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार बड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के “ऑपरेशन अंकुश” के डर से अब फरार आरोपियों में हड़कंप मच गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को सट्टे के एक और बड़े खाईवाल जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी खुद चलकर एसपी कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के सामने सरेंडर कर दिया। आरोपी ने सट्टे के अवैध कारोबार से हमेशा के लिए तौबा कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की बात कही है।
इस मौके पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपी को सख्त लहजे में समझाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की निगरानी में सट्टा और अन्य अवैध धंधे करने वाले सभी लोग हैं। अपराधी कानून से ज्यादा दिनों तक भाग नहीं सकते और पुलिस हर हाल में उन तक पहुंचती है। इसके साथ ही उन्होंने आरोपी को अपराध से दूर रहकर एक अच्छा सामाजिक जीवन जीने की सलाह दी।
फरारी के दौरान सता रहा था डर
आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने बताया कि वह गोपी टॉकीज के पास का रहने वाला है। उसने कबूल किया कि फरारी के दौरान वह लगातार भारी डर और मानसिक तनाव में जी रहा था। उसे हर वक्त अपने परिवार की चिंता सता रही थी। यही कारण है कि उसने भविष्य में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल न होने का फैसला किया। उसने सट्टा खेलने वाले युवाओं से भी अपील की कि वे इस दलदल से दूर रहें, क्योंकि इस धंधे का अंत सिर्फ जेल और बर्बादी ही है।
हवाला और बड़े सिंडिकेट से जुड़े तार
पुलिस जांच में पता चला है कि जसमीत बग्गा मुख्य आरोपी करन चौधरी के सट्टा नेटवर्क का पूरा संचालन संभालता था। इसके अलावा वह खुद भी एक बड़ा खाईवाल बन चुका था। पुलिस को उसके संबंध रायपुर के बड़े सट्टा संचालकों मोहित सोमानी और प्रकाश वाधवानी से मिलने के पक्के सबूत मिले हैं। वर्तमान में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच कर रहे हैं। पुलिस अब सट्टे के पैसे के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले हवाला नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है।
अब तक की बड़ी पुलिस कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट पर 26 अप्रैल को पहली बड़ी कार्रवाई की थी। तब पुलिस की संयुक्त टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल और नगदी बरामद की थी। इसके बाद पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए गोवा के कैंडोलिम बीच पर बने एक विला में छापा मारा था। वहां से मध्य भारत के सबसे बड़े सट्टा नेटवर्क मन्नु नथनी गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे मामले में पुलिस अब तक 1 करोड़ 2 लाख रुपये से ज्यादा की नगदी, नोट गिनने की मशीन और कई मोबाइल जब्त कर चुकी है।









