निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में अब सुबह के समय दक्षिणामूर्ति स्तोत्र भी सुनाई देगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं कि सभी पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से दक्षिणामूर्ति स्तोत्र का प्रसारण किया जाए।
यह कदम पुलिस प्रशिक्षण के दौरान सकारात्मक वातावरण बनाने और आरक्षकों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पहले से होता है गीता और रामचरितमानस पाठ
प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में पहले से ही रामचरितमानस और भगवद गीता के पाठ की व्यवस्था की गई है। अब इस आध्यात्मिक पहल को आगे बढ़ाते हुए दक्षिणामूर्ति स्तोत्र को भी शामिल किया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आध्यात्मिक कार्यक्रमों से प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है।
भगवान शिव को समर्पित स्तोत्र
दक्षिणामूर्ति स्तोत्र भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जिसे ज्ञान और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से मानसिक शांति, एकाग्रता और ज्ञान की प्राप्ति के लिए जाना जाता है।पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इससे प्रशिक्षण ले रहे आरक्षकों में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण विकसित होगा।
आरक्षकों को संवेदनशील बनाने की पहल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को मानसिक रूप से संतुलित और संवेदनशील बनाना है, ताकि वे आम जनता के प्रति अधिक सहानुभूति और समझ के साथ काम कर सकें।अधिकारियों के अनुसार इससे पुलिस बल में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी और प्रशिक्षण का माहौल भी बेहतर बनेगा।











