Cloud burst : जम्मू-कश्मीर। किश्तवाड़ जिले के पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में बुधवार को मचैल माता मंदिर यात्रा के दौरान बादल फटने से बड़ी तबाही हुई। इस हादसे में 10 से अधिक लोगों की मौत की आशंका है, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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यह घटना उस समय हुई जब यात्रा के शुरुआती बिंदु चशोटी में लंगर चल रहा था। अचानक आए तेज पानी और मलबे की चपेट में कई श्रद्धालु बह गए। स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर जुटे हुए हैं। भारी बारिश और टूटी सड़कों के कारण प्रभावित स्थान तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्थानीय डीसी से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और बताया कि सभी आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर संचालन फिलहाल संभव नहीं है।
हर साल अगस्त में होने वाली मचैल माता तीर्थयात्रा में हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा में पद्दर से चशोटी तक का 19.5 किलोमीटर का सफर वाहन से और आगे 8.5 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की जाती है।
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इस घटना को लेकर लोगों के मन में उत्तराखंड के धराली में हाल ही में हुई तबाही की यादें ताजा हो गई हैं, जहां भारी बारिश और भूस्खलन से कई लोग मारे गए और कई अब भी लापता हैं। वहां भी बचाव अभियान कठिन मौसम और टूटी सड़कों के कारण बाधित हो रहा है।
किश्तवाड़ की इस आपदा में मृतकों और लापता लोगों की सटीक संख्या का पता लगाने और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।













