National Lok Adalat : छुईखदान। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय श्री विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में, व्यवहार न्यायालय छुईखदान में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री ईशान व्यास की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य राजीनामा योग्य धाराओं में दर्ज लंबित मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निराकरण करना था, जिसके तहत कई पुराने और नए मामलों को सफलता पूर्वक निपटाया गया।
नेशनल लोक अदालत में निराकरण के लिए विभिन्न श्रेणियों के मामले पेश किए गए थे। इनमें प्रमुख रूप से सिविल वाद प्रकरण, रेगुलर क्रिमिनल मामले, मोटर यान अधिनियम से संबंधित प्रकरण, ट्रैफिक चालान, चेक अनादर अधिनियम (चेक बाउंस), बैंक संबंधित मामले, विद्युत संबंधित मामले, एवं नल जल कर से संबंधित मामले शामिल थे। पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) सनील कुमार ने बताया कि नेशनल लोक अदालत का आयोजन हर तीन माह में किया जाता है, जिससे पक्षकार राजीनामा और आपसी भाईचारा से अपने प्रकरणों का त्वरित निपटारा कर सकें।
National Lok Adalat : इस बार की नेशनल लोक अदालत में न्याय के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा गया। तालुका विधिक सेवा समिति छुईखदान द्वारा दिव्यांगजन को न्यायालय परिसर में आने-जाने और चलने-फिरने में परेशानी न हो, इसलिए व्हीलचेयर की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इस पहल ने दिव्यांग पक्षकारों को बिना किसी बाधा के न्याय प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर प्रदान किया।
National Lok Adalat : इसके अतिरिक्त, खंड चिकित्सा अधिकारी छुईखदान के सहयोग से न्यायालय परिसर में एक स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में न्यायालय आए अधिवक्तागण तथा पक्षकारों को स्वास्थ्य संबंधी चेकअप की सुविधा दी गई और आवश्यकतानुसार दवाइयां भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य न केवल कानूनी बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूकता फैलाना था।
National Lok Adalat : नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन दिखाता है कि छोटे-बड़े विवादों को अदालत के बाहर समझौते और सहमति के माध्यम से हल करने की प्रक्रिया कितनी कारगर है। इस तरह के आयोजन से न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम होता है और पक्षकारों को कम समय और कम खर्च में न्याय मिल पाता है।











