Chhattisgarh School Religious Books Issue : जशपुर (17 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी शिक्षण संस्थान की मर्यादा और नियमों का उल्लंघन करने वाले एक शिक्षक के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। फरसाबहार विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ व्याख्याता (एल.बी.) दीपक तिग्गा को बच्चों को बाइबल बांटने और पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
बाइबल बांटने के साथ अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप
निलंबन आदेश के अनुसार, दीपक तिग्गा पर न केवल धार्मिक पुस्तकें बांटने का आरोप है, बल्कि वे लंबे समय से अनुशासनहीनता भी बरत रहे थे। जांच में पाया गया कि वे:
- स्कूल समय में उपस्थित नहीं होते थे और बिना सूचना के अनुपस्थित रहते थे।
- अध्यापन कार्य छोड़कर स्कूल से बाहर चले जाते थे।
- उन्होंने न तो शिक्षक दैनंदिनी तैयार की और न ही अपना पाठ्यक्रम (Syllabus) पूरा किया।
- उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बावजूद बाद में हस्ताक्षर करने के दोषी पाए गए।
- प्राचार्य द्वारा जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ लेने से भी उन्होंने साफ इनकार कर दिया था।
कलेक्टर की जांच और DPI की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जांच प्रतिवेदन तैयार कर शासन को भेजा था। इस रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने निलंबन की कार्रवाई की है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तिग्गा का यह कृत्य सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं 7 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।
धर्म प्रचार पर सरकार का कड़ा रुख
सरकारी स्कूल में शिक्षा के बजाय धार्मिक प्रचार प्रसार को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में भी आक्रोश था। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान दीपक तिग्गा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर नियत किया गया है।













