Chhattisgarh Mahtari Statue Unveiling : धरसींवा (रायपुर): धरसींवा ब्लॉक का ग्राम मोहदी गुरुवार की शाम एक स्वर्णिम इतिहास का साक्षी बना। क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा की विशेष पहल पर गांव के मुख्य मार्ग पर ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की भव्य प्रतिमा की विधि-विधान से स्थापना की गई। यह आयोजन केवल एक प्रतिमा का अनावरण मात्र नहीं रहा, बल्कि एक विराट सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप, आतिशबाजी और ‘अरपा पैरी के धार’ के जयघोष से पूरा वातावरण छत्तीसगढ़ी गौरव से गुंजायमान रहा।
पुरखों का स्वाभिमान है यह प्रतिमा: अनुज शर्मा विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मोहदी की पावन धरा पर छत्तीसगढ़ महतारी की स्थापना हमारे पुरखों के स्वाभिमान और गौरवशाली परंपरा की पुनर्स्थापना है।” उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी भाषा और संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। शर्मा ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र का भौतिक विकास करने के साथ-साथ लोक कला और सांस्कृतिक प्रतीकों को सहेजना भी है।
पारंपरिक रावत नाच और पुष्पवर्षा से स्वागत: विधायक के आगमन पर ग्रामीणों का उत्साह चरम पर था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे रावत नाच दलों ने अपनी कला से समां बांध दिया। ग्रामीणों ने विधायक अनुज शर्मा को कंधों पर उठाकर और पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। देर रात तक चली आतिशबाजी और आकर्षक रोशनी से नहाई छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा अब क्षेत्र के मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गई है।
गणमान्य जनों की उपस्थिति: इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री अशोक सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य सरोज चंद्रवंशी, मण्डल अध्यक्ष हरि वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। मोहदी में महतारी की इस स्थापना ने न केवल गांव को नई पहचान दी है, बल्कि पूरे धरसींवा क्षेत्र में सांस्कृतिक चेतना की एक नई अलख जगा दी है।











