नई रायपुर: छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस के लागू होने के बाद जमीनों की बढ़ी कीमतों को लेकर सरकार ने बड़ा यू-टर्न लिया है। रजिस्ट्रेशन विभाग ने शहरों में लागू की गई नई दरों और वैल्यूएशन प्रावधानों की समीक्षा करने का फैसला किया है। सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है और 31 दिसंबर तक नए प्रस्ताव जमा करने के निर्देश दिए हैं।
सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की बैठक में 6 बड़े बदलाव
बैठक में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन और सुपरिटेंडेंट ऑफ स्टैंप्स ने नई रिवाइज्ड गाइडलाइंस जारी कीं। इसमें डिस्ट्रिक्ट वैल्यूएशन कमेटियों को निर्देश दिया गया कि वे नए रेट बढ़ोतरी और आपत्तियों की समीक्षा करें।
Read More : CG News : धान खरीदी में देरी से नाराज किसान, कोयलीबेड़ा में चक्का जाम
व्यापारियों और सांसदों ने उठाए सवाल
इसके पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि नई गाइडलाइन से भूमि अधिग्रहण में केवल 1% किसानों को फायदा होगा, जबकि 99% जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने भी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए और जनता को जवाब देने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन और लाठीचार्ज
दुर्ग में 1 दिसंबर को व्यापारियों ने नई जमीन दरों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ पुतले जलाए और काले झंडे दिखाए।
Read More : CG NEWS: आरंग-खरोरा मार्ग पर चावल से लदा ट्रक आग की चपेट में, फायर ब्रिगेड की मदद से बुझी लपटें
30% छूट खत्म, पंजीयन शुल्क पर असर
पहले सरकार जमीन के मूल्य का 30% घटा कर पंजीयन करती थी, लेकिन नई गाइडलाइन में यह छूट खत्म कर दी गई। अब जमीन/मकान का पूरा 100% मूल्य गिना जाएगा, जबकि पंजीयन शुल्क 4% और 2% पर रखा गया है। व्यापारियों का कहना है कि इससे छोटे कारोबारियों और आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ जाएगा।
सरकार का जवाब और सुझाव
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि सरकार को रेवेन्यू विभाग के विशेषज्ञों, रियल एस्टेट प्रतिनिधियों और किसानों के संगठनों को मिलाकर हाई-लेवल कमेटी बनानी चाहिए, ताकि उचित मूल्यांकन और जनता की चिंताओं का समाधान हो सके।













