रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आखिरकार राहत मिल गई है। 117 दिनों तक जेल में रहने के बाद चैतन्य बघेल आज रिहा होने वाले हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2 जनवरी को उनकी जमानत याचिका स्वीकार की थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर अब उनकी रिहाई संभव हो पाई है।
छह महीने बाद खुले जेल के दरवाजे
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा रही। उन्हें प्रवर्तन एजेंसियों ने शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे और करीब छह महीने तक जेल में बंद रहे। इस दौरान उनकी ओर से जमानत के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
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भूपेश बघेल का भावुक बयान
बेटे की रिहाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“चैतन्य को उसके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था और आज वह मेरे पोते के जन्मदिन पर जेल से बाहर आ रहा है। यह हमारे परिवार के लिए भावनात्मक क्षण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए और न्यायालय के निर्णय को गंभीरता से पढ़ा जाना जरूरी है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
चैतन्य बघेल की रिहाई को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर पहले की तरह सवाल उठाता रहा है। हालांकि, कानूनी तौर पर हाईकोर्ट की जमानत ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
जमानत मिलने के बावजूद शराब घोटाला केस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। चैतन्य बघेल को अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना होगा और जांच में सहयोग करना अनिवार्य रहेगा।













